कंप्यूटर का पूरा इतिहास क्या है ?

आज हम बात करने वाले है  ( History Of Computer in Hindi ) , कंप्यूटर के इतिहास के बारे में | जैसा की आप लोग जानते है की आज जो हम कंप्यूटर इस्तेमाल करते है वो बहुत ही ज्यादा Fast , Small और काफी सस्ता मिलता है , लेकिन क्या आज से 350 साल पहले भी कंप्यूटर का यही हाल था |

पिछले पोस्ट में हमने जाना था, पढ़ने के लिए क्लिक करे – ( What is Computer in Hindi

क्या उस वक़्त भी हमें 20 से 30 हजार में एक लैपटॉप या कंप्यूटर मिल जाता था , क्या उस वक़्त के कंप्यूटर का Size भी आज के कंप्यूटर की तुलना में सामान था या नहीं |

इन्ही सब बातो को ध्यान में रखकर आज हम अभी से 350 साल पहले के कंप्यूटर का इतिहास जानेंगे की उस वक़्त के कंप्यूटर में और अब के कंप्यूटर में क्या क्या बदलाव आये है और कैसे ?

             
History Of Computer In Hindi | कंप्यूटर  का  इतिहास 

ABACUS  –
जैसा की आपको पता है की एक कैलकुलेटर भी कंप्यूटर होता है और इसी की वजह से आज हम कंप्यूटर बना सके है और इसमें इतनी प्रगति कर पाए है |

वैसे तो कई Generation लग गए, एक ऐसा Device बनाने में जो की बिना इंसान के किसी भी संख्या को जोड़ सके या घटा सके।
बहुत प्रयासों के बाद एक ऐसा Machine बनाया गया एक ऐसा Device बनाया गया जो की किसी भी संख्या को जोड़ सकता था और उसे घटा सकता था, जिसे Egypt और China के लोगो ने बनाया था जिसका नाम रखा गया ABACUS |

ABACUS का मतलब होता है कैलकुलेट करना , यह एक तरह का कैलकुलेटर था जिससे हम जोड़ या घटा सकते थे | इसमें कुछ सीधे खड़े हुए डंडे थे जिसमे कुछ गोल – गोल आकार का कुछ लकड़ी का बना कर लगाया गया था जिससे की आगे – पीछे करने से हम संख्या को जोड़ सके या घटा सके |
History of Computer In Hindi

Napier’s Bones
जैसा की हमने अभी जाना की  ABACUS केवल संख्या को जोड़ या घटा ही सकता था लेकिन गुणा  था |
इसी को ध्यान में रखकर अंग्रेजी भाषा के Mathmatician जिनका नाम John Napier था उन्होंने 1617 AD में एक ऐसा Mechanical Device ( मैकेनिकल डिवाइस ) बनाया जो की किन्ही दो या दो से अधिक संख्या को गुणा

भी कर सकता था | जिसका नाम Napier’s Bones रखा गया |

दरहसल इसमें 11 rods लगे थे जो की 9 अलग अलग parts को गठित करता था और प्रत्येक part एक Diagnol Rods से Divide होता था |

Rods को Manipulate ( इधर से उधर ) करने पे किन्ही संख्या के बीच में गुणा होता था |

यहाँ से हमारे  Computer History का आगाज़ हो चूका था , अब तक हमने जोड़ने , घटने तथा गुणा करने के लिए भी कंप्यूटर का निर्माण कर लिया था |

SLIDE RULE
जैसा की हमने जाना की हमारे कंप्यूटर के इतिहास में अब तक हमने  जोड़ने , घटाने , तथा गुणा करने के लिए मशीन बना लिया है परन्तु अभी तक कोई ऐसी मशीन नहीं बनी जो की भाग ( Divide ) कर सके |

अंग्रेजी भाषा के Mathematician जिनका नाम Edmund Cunter था उन्होंने Slide Rule नाम की एक मशीन या यूँ कहे तो एक कंप्यूटर बनाया जो की सभी तरह के Calculations कर सकता था चाहे वो Add ( जोड़ ), Subtract ( घटा ), Multiply (गुणा ), हो या चाहे Divide ( भाग ) .

इस मशीन ( Slide Rule ) का इस्तेमाल और 16वी शताब्दी में यूरोप में बहुत ही ज्यादा किया गया था |  History Of Computer In Hindi

 

Blaise Pascal
जैसा की हम सब जानते है की शताब्दी के अंत होते होते कई और सारे यन्त्र विकसित किये गए जिसमे से कुछ सफल हुए और कुछ असफल भी हुए  |

1645 ई में फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल ने एक यांत्रिक गणना मशीन ( Mechanical Digital Calculator ) बनाया जो की किन्ही दो या दो से अधिक संख्या को जोड़ अथवा घटा सकता था , जिसे Adding Machine के नाम से जाना जाता था |यह मशीन Wheels , Gears , तथा Cyllinders के मदद बनाया गया था |

ब्लेज़ पास्कल ने  केवल 19 साल की उम्र में ही एक कंप्यूटर बना डाला था |

History Of Computer In Hindi

Leibniz‘s Machine
Gottfried Lebniz एक जर्मन Philosopher और Mathematician थे , इन्होने भी पास्कल की तरह ही 17 वी शताब्दी ( 1673) में एक ऐसा मशीन बनाया जो की  Multiply ( गुणा ) , Divide (भाग )
कर सकता था   |History Of Computer In Hindi

 

Babbage Analytical Engine
अगर आपने थोड़ा बहुत भी कंप्यूटर का ज्ञान लिया हुआ होगा तो आपको यह जरूर पता होगा की Charles Babbage कौन है और यदि नहीं पता तो  बताता हूँ |

Charles Babbage को कंप्यूटर के जगत का पिता कहा जाता है |

1823 में चार्ल्स बैबेज ने एक मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया जिससे हम Maths के छोटे छोटे सवाल को हल कर सकते थे | इसे Difference Engine कहा गया था |

परन्तु कुछ  इन्होने एक General Purpose Computer बनाया जिससे की हम सामन्य हल भी कर सकते थे जिसे Analytical Engine का नाम दिया गया |History Of Computer In Hindi

 

Mechanical and Electrical Calculator
19वी शताब्दी की शुरुआत में एक ऐसा मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया  गया जिससे की सभी प्रकार की मैथमेटिकल Calculations करना संभव था | यह मशीन ( Computer) 1960ई तक बहुत ही ज्यादा प्रयोग किया गया |

बाद  में इसमें सुधार  करके इलेक्ट्रिक मोटर लगा दिया गया , इसलिए इसे Electrical Calculator कहते है |

 

Modern Electronic Calculator
जैसा की हमने अभी जाना की इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर 1960 में बहुत प्रयोग किया गया तथा इसमें कुछ Changes करके इसमें Electron के Tubes लगा दिए गए | परन्तु ये बहुत ज्यादा मात्रा में जगह ले रहा था |  

इसलिए इसमें कुछ और सुधार करने के लिए इसे बाद में Transistors से बदल दिया गया जिसके बाद इस मशीन का साइज बहुत ही कम हो गया | और इसे Modern Electronic Calculator के नाम से जाना गया |

यह Modern Electronic Calculator सभी तरह के Mathematical Function और Problems को हल कर सकता था |

और इस मशीन में आप कुछ डाटा को हमेशा के लिए Store करके भी रख सकते थे लेकिन कुछ ही डाटा को , क्योंकि इसकी मेमोरी capacity कम थी |

तो दोस्तों आज यही तक जानेंगे कंप्यूटर के बारे में और बाकी अगले पोस्ट में  |

Conclusion :- तो आज हमने सीखा ( History Of Computer In Hindi ) , जिसमे मैंने आपको आज कुछ सफल तथा असफल विकसित किये गए कंप्यूटर मशीन के बारे में बताया की कब और किसने यह मशीन बनाया और इसका इस्तेमाल  किस काम के लिए उस वक़्त किया गया |

आज के कंप्यूटर में भी यही विशेषता पायी जाती है बस आज  का कंप्यूटर उस वक़्त से बहुत ज्यादा Advance हो गया है |

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शुक्रिया |


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