What is Computer in Hindi – कंप्यूटर क्या है इसकी विशेषताएँ |

What is Computer in Hindi
कंप्यूटर क्या है जाने हिंदी में और इसकी विषेशताएँ भी

जैसा की हम सब जानते है की आज का वक़्त पूरा ही Digital हो चूका है और इसे Digital  बनाने में सबसे बड़ा योगदान Computer ने निभाया है तो बहुत सारे लोग आज के वक़्त में यह Google पे Search करते है की What is computer in Hindi या कहे तो की कंप्यूटर क्या है |

और इस अनोखे से यन्त्र के बारे में जानकारी जानना चाहते है और इसके बारे में पढ़ना चाहते है , इसे सीखना चाहते है तो इसी को लेकर मैंने एक Computer in Hindi Series शुरू किया है जिसमे मैं आप लोगो को कंप्यूटर के A से लेकर Z तक सब कुछ वो भी हिंदी में  सिखाऊंगा |

  तो चलिए शुरू करते है ,

सबसे पहले हम बात करते है की यह कंप्यूटर क्या है और इसका नाम कंप्यूटर ही क्यों रखा गया | Computer  शब्द का निर्माण  ग्रीक भाषा के Compute शब्द से निकला है जिसका अर्थ होता है जोड़ना |

 जैसा की आप लोग जानते है की आज के वक़्त में हम सब अपने Daily Life के Routine में ऐसे बहुत सारे काम या पढाई करते है जिमसे हमें बहुत कुछ जोड़ना, घटाना, गुणा, भाग और भी कई तरह के Calculation करने पड़ते है |

जहाँ तक 5 + 5  को जोड़ने की, घटाने की या कोई और तरह से इसे Solve करने की  बात मैं कहुँ तो आप लोग इसे बड़ी आसानी से कर लोगे , लेकिन अगर  मैंने आपको यह कहा की 5648 + 4789 इसको आप जोड़ के दिखाओ या घटा हो या गुणा हो या भाग तो आप लोग अपने कॉपी कलम की  सहायता से इसे करने लगते है , वक़्त भी लगाते है और उसमे भी कई बार आप लोग इसे गलत कर देते है |

तो सोचो अगर कोई Computer नामक  कोई मशीन कोई भी बड़े से बड़ा सवाल  सिर्फ 1 सेकण्ड में कर दे और वो भी पूरी Accuracy ( सही ) के साथ तो हमें कितना लाभ होगा |

तो दोस्तों इन्ही सब जरूरतों को देखते हुए हमारे लिए इस कंप्यूटर का जन्म हुआ जिसने आज  के वक़्त में क्रांति फैला रखी है |

तो  चलिए जानते है, 
What is Computer ( कंप्यूटर क्या है )
 

Computer एक Electronic मशीन है एक ऐसा Electronic Device है जो की बिजली और बैटरी के द्वारा चलता है | इसमें  हम लोग कुछ Input करते है और CPU उसे Process करता है फिर हमें उसका Output देता है |

अगर हम बात करे 1940 सदी की कंप्यूटर का तो उस वक़्त कंप्यूटर का Size इतना ज्यादा होता था की लगभग कई रूम के बराबर केवल एक कंप्यूटर हुआ करता था और कई लोगो द्वारा उसे Operate  किया जाता था , लेकिन अगर हम आज के कंप्यूटर की बात करे तो केवल एक इंसान ही इसे Operate कर सकता है इसे चला सकता है और वो भी केवल अपने बैग में रख सकता है और इसे अपने Pocket में भी रख सकता है |       

                                              “मोबाइल भी एक तरह का कंप्यूटर है

कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की संख्या बढ़ चुकी है , इसका स्पीड बढ़ चूका है और कंप्यूटर की Accuracy भी पहले के कंप्यूटर की तुलना में बहुत अधिक बेहतर हो चूका है |

आजकल हम केवल एक कंप्यूटर से ही रेल टिकट हो या हवाई टिकट हो या टेलीफोन का बिल हो या Electricity बिल ,पैसा जमा करना हो बैंक में या निकलना हो , कुछ बिज़नेस का काम हो , मेडिकल का काम हो , या कुछ भी काम हो , सब कुछ केवल एक कंप्यूटर के द्वारा करना आज के ज़माने में संभव हो चूका है |                                                       

Computer का full form क्या है ? Computer full  form hindi

COMPUTER -:  इसका फुल Form होता है –  ( Common Operating Machine Purposely Used for Technological and Educational Research )

C – Common

O – Operating

M – Machine

P – Purposely

U – Used

T – Technological

E – Educational

R – Research

कप्यूटर कैसे काम करता है ?


कंप्यूटर Hardware तथा Software के Interact होने से यानी की उनके एक साथ मिलने  से काम करता है , मतलब अगर हम कहे की Hardware और सॉफ्टवेयर में से किसी एक के न होने से कंप्यूटर नहीं चल सकता तो  ये बिलकुल सही बात है |

Hardware – कंप्यूटर की भाषा में  हार्डवेयर हम उसे कहते है जिसे हम Touch कर सकते है जिसे हम छू सकते है ,       जिसे हम देख सकते है | कंप्यूटर हार्डवेयर का सबसे Important ( महत्वपूर्ण ) Part होता है CPU |          

     Hardware के कुछ उद्हारण – Moniter , Keyboard , Mouse , CPU, Speaker , Printer

CPU – इसका पूरा नाम है Central Processing Unit जिसे हम कंप्यूटर का Brain भी कहते है , ये  केवल एक छोटी सी Chip होती है जो की Motherboard में लगा होता है | इसी के द्वारा हम कोई भी Calculation कंप्यूटर में Solve कर पाते है |
                 ” सामान्य भाषा में अगर कहा जाए  तो ये ( CPU ) नहीं तो कुछ नहीं कंप्यूटर सिर्फ एक डिब्बा है ” 

Software – बहुत सारे Instructions ( निर्देश ) से मिलकर एक program ( प्रोग्राम ) बनता है और कई सारे Program को मिलाकर हम एक Software बनाते है | Basically सॉफ्टवेयर में हम वो बात लिखते है जो की हमें कंप्यूटर को बताना है  या उससे करवाना है वो भी उसी के language में जिसे हम कंप्यूटर की भाषा में Coding या Programming language कहते है| न की हिंदी और अंग्रेजी की language में,

Software का Use हम Hardware को निर्देश देने के लिए करते है की Hardware को कब क्या करना है |

      Software के कुछ उद्हारण – Microsoft Office , Windows ऑपरेटिंग सिस्टम , MS – Word , Paint ,

 

Characteristics of Computer | कंप्यूटर की विशेषताएँ


Speed
( स्पीड ) -:  अगर हमें कोई बड़ा calculation दे दिया जाए या किसी company का कोई Data दे दिया जाए जो की बहुत बड़ा हो और हमें Calculation करना  हो तो हमें उसमे बहुत वक़्त लगेगा लेकिन कंप्यूटर उस काम को केवल कुछ Second में ही कर सकता है | So , हम कह सकते है की कंप्यूटर की स्पीड बहुत ज्यादा है |

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन कंप्यूटर कई लाख कैलकुलेशन केवल कुछ सेकंड में ही कर सकता है और कुछ कामो को तो वो एक सेकंड से भी काम वक़्त यानी की मिनिसेकन्ड में  कर देता है इससे आप इसके speed का अंदाजा लगा सकते है |

Accuracy ( सही ) -:  जब आप कोई Calculation करते है तो उसमे एक तो आप वक़्त ज्यादा लगाते है और उसमे आप गलतियां भी बहुत करते है लेकिन कंप्यूटर कभी भी गलतियाँ नहीं करता है ये 99.99% Accuracy देता है |                 

        Ex – चलिए मानते है की आपको  14 से 30 को भाग करना है जिसमे आपका उत्तर दसमलव में 2.14 के लगभग  आएगा लेकिन अगर इसे कंप्यूटर करे तो इसका उत्तर 2.14285714286 आएगा तो देखा आपने की कंप्यूटर ने कितनी आसानी से और बिलकुल सही से इसका पूरा उत्तर दे दिया जिसमे की हम लोग पक्का गलती कर  जाते       

Diligence ( परिश्रमी ) – : एक इंसान थक सकता है , अपने ध्यान से भटक सकता है , उसे जो काम दिया गया है उसमे वो अपनी रूचि नहीं भी  ले सकता है लेकिन एक कंप्यूटर कभी नहीं थकता है , कभी भी अपने दिए काम से पीछे नहीं हटता है और उसे बिना कोई गलती किये पूरा कर लेता है |

Versatility ( बहु उपयोगी ) -:  एक इंसान केवल एक ही टाइप के काम को करना पसंद करता है और वो उसे ही केवल करना चाहता है लेकिन एक कंप्यूटर बहु उपयोगी है इससे जैसा चाहे काम कर वालो जो चाहे calculation कर वालो |   

Power of Remembering ( याद करने की क्षमता ) -:  किसी इंसान को अगर हम कहे किसी बात को याद रखना तो वो केवल कुछ बात को ही याद रख सकता है जैसे की मानो जब हम लोग पढ़ते है कुछ याद करते है तो हमें कुछ बातें ही थोड़े वक़्त के बाद याद रहता है बाकी हम भूल जाते है लेकिन एक कंप्यूटर को याद करने क्षमता बहुत ज्यादा होता है और आप जितने चाहे उतने बातें उससे याद करवा सकते है हमेशा के लिए |

Storage ( भण्डार, जगह ) -:  कंप्यूटर में आप जितना चाहे उतना Large Data ( फाइल ) जमा करके रख सकते है |  अगर कंप्यूटर की Storage क्षमता ख़त्म हो जाता है फिर भी आप Secondary Storage जैसे की CD , DVD, Pen Drive आदि इस्तेमाल में ला सकते है |

No IQ ( सोचने की क्षमता नहीं ) -:  जैसा की मैंने आपको बताया था की कंप्यूटर केवल सॉफ्टवेयर के द्वारा हार्डवेयर को दिए गए निर्देश पे ही काम करता है इसके पास खुद का कोई दिमाग नहीं है , ये केवल एक मशीन है हम इसे जैसा निर्देश देंगे ये वैसा ही करेगा |

No Feeling ( महसूस करने की क्षमता नहीं ) -:  जैसा की एक इंसान में होता है की उसे काम करने के बाद थकावट होता है , उसे सही गलत का पता होता है , इंसान को कुछ सूंघने की शक्ति होती है उसमे अपना knowledge होता है लेकिन लेकिन लेकिन एक कंप्यूटर के पास इनमे से कुछ भी नहीं होता है , न ही उसके पास कोई Emotion है जिससे की वो खुश या दुःख हो जाए , न ही वो कुछ taste कर सकता है , न ही उसके पास अपना कोई knowledge है सिवाय सॉफ्टवेयर के दिए गए निर्देश के, न ही उसके पास कोई काम करने का experience है , और न ही ये बहुत घंटे काम करने के बाद थका हुआ मह्सूस करता है |

तो आज हमने सीखा की कंप्यूटर क्या है ,इसके क्या क्या विशेषताएं है और कंप्यूटर का full form क्या है और भी बहुत कुछ |

तो दोस्तों कैसा लगा आपको ये पोस्ट , Comment करके जरूर बताए |

अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share जरूर करे और अगर कोई सवाल या सुझाव हो तो निचे Comment जरूर करे | 

शुक्रिया |      


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